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गुरमखी दे वारिस पंजाबी साहित्य वेल्फेयर सोसायटी (रजि) , पंजाब टीम में हुई बढ़ौतरी

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गुरमखी दे वारिस पंजाबी साहित्य वेल्फेयर सोसायटी (रजि) , पंजाब टीम में हुई बढ़ौतरी आज दिनांक 28/5/23 दिवस सोमवार को अमृतसर में गुरुमखी दे वारिस पंजाबी साहित्य वेल्फेयर सोसायटी (रजि)के  दफ्तर में  पंजाबी तथा हिंदी लेखकों कवियों की एक मीटिंग का आयोजन चेयरमैन गुरवेल कोहालवी की अध्यक्षता में  किया गया। चेयरमैन गुरवेल कोहालवी एवं उनकी धर्म पत्नी आ. रुपिन्द्र कौर संधू  द्वारा  सोसायटी के नवनियुक्त सदस्यों को नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया ।डॉ पूर्णिमा राय को "गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच" की जनरल सैक्रेटरी (महासचिव) तथा डॉ संजय चौहान को मुख्य सलाहकार बनाकर सम्मानित किया गया। पंजाबी संस्था में  श्वेता भारद्वाज को( जनरल सैक्रेटरी) ,डॉ राकेश तिलकराज को (मुख्य सलाहकार) , डॉ आत्मा सिंह को (सीनियर मीत प्रधान) , कवि प्रेम पाल को  (आफिशियल सचिव) का पद देकर  सम्मानित किया गया। डॉ पूर्णिमा ने अपने गज़ल संग्रह "स्पर्श"की प्रति सभी सदस्यों को सादर भेंट की। इस सुअवसर पर सभी कवियों, लेखकों ने अपनी अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की।  डॉ आत्मा सिंह मीत प्रधान ने ...

गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच" : "शाम-ए-महफिल" कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन :एक रिपोर्ट (पोस्ट संख्या-85)

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  पोस्ट संख्या-85 " गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच" : "शाम-ए-महफिल" कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन (सौजन्य : गुरमखी दे वारिस पंजाबी साहित्य वेल्फेयर सोसायटी (रजि) आज दिनांक 27/5/23 दिवस शनिवार को गुरुमखी दे वारिस पंजाबी साहित्य वेल्फेयर सोसायटी (रजि)के चेयरमैन गुरवेल कोहालवी के सौजन्य एवं डॉ पूर्णिमा राय "गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच" (महासचिव) के प्रबंधन में आनलाइन काव्य गोष्ठी -प्रथम शाम-ए-महफिल समय सांय 5.30 बजे से 7.40 तक जूम एप के माध्यम से आयोजित गई।दो घण्टे तक चली आनलाइन काव्य गोष्ठी में डॉ.संजय चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुये। 25 के करीब कवि/लेखकगण रचनाकारों ने हिंदी में अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की। महासचिव डॉ.पूर्णिमा राय ने गायत्री मंत्र के जाप से कार्यक्रम का आगाज़ किया एवं उपस्थित सभी वक्ताओं एवं श्रोताओं का अभिनंदन किया। सर्वप्रथम चेयरमैन गुरवेल कोहालवी ने मुख्य अतिथि डॉ संजय चौहान तथा वरिष्ठ रचनाकार प्रेम सागर कालिया जी का स्वागत करते हुये गुरुमुखी दे वारिस पंजाबी वेल्फेयर सोसायटी द्वारा करवाई जा रही गतिविधियों पर प्रकाश डालते...

वहीं रावण जलाये जो स्वयं राम है

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                 अचिन्त साहित्य (बेहतर से बेहतरीन की ओर बढ़ते कदम)     " वही रावण जलाये जो स्वयं राम है "        ( दशहरा -- विशेषांक  2017)  यह विशेषांक 2017 में संपादित किया गया था और अचिन्त साहित्य वेबसाइट पर प्रकाशित था।किसी कारणवश मेरी वह वेबसाइट बंद हो गई ।अब आज अपने ब्लॉग अचिन्त साहित्य पर प्रकाशित कर रही हूँ। विजयदशमी / दशहरा  की सभी को हार्दिक बधाई!! इस  विशेषांक  को अपनी बेहतरीन रचनाओं से सजाने वाले सभी रचनाकारों ,सुसाहित्यकारों का हार्दिक आभार!! रचनाएं एवं रचनकार 1)वही रावण जलाये,जो स्वयं राम है:डॉ.पूर्णिमा राय 2)विजय दशमी :बलविंदर अत्री    3)क्योंकि हम राम न हुए: डॉ भावना तिवारी  4)रावण महाज्ञानी :दीपक कुमार  5)ਦੁਸਹਿਰਾ :रघबीर सिंह सोहल 6)गुण हैं जिसमें राम के,रावण जलाने का अधिकार उसे  : राजबाला "राज" 7)मैं रावण बोल रहा हूँ:सुशील शर्मा 8) दशहरा :कल्पना मनोरमा 9)शायद रावण नही मरेगा :सुशीला जोशी  10)रावण अभी जिन्दा है: बृजेश अग्निहोत्री "पेंटर" 11)और र...

राधाकृष्णन जैसा ही, चरित्र अजान हो(शिक्षक दिवस पर विशेष)

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राधाकृष्णन जैसा ही,चरित्र अजान हो (शिक्षक दिवस पर विशेष:मनहरण घनाक्षरी रचनाएं : डॉ पूर्णिमा राय  1* गुरु का सम्मान करें,आज्ञा का पालन करें। सीस गुरु चरणों पे, बार-बार राखिये।। गुरु के वचन सदा, जीवन आधार बने। कथनी करनी सम, व्यवहार राखिये।। गुरु सागर ज्ञान का, ईश्वर का रूप है जो। निस्वार्थ भावना मन ,सदाचार राखिये।। करे नमन "पूर्णिमा", गुरु का आशीष मिले। भक्त प्रहलाद जैसा ,गुरु प्यार राखिये।। ***************************** 2* मिलती जग में कीर्ति ,गुरु के आशीर्वाद से। शिष्य के कर्म से गुरु,जग में महान हो।। कबीर तुलसी सूर सी, बने मनभावना। जगत माया भूल के, गुरु का ही ध्यान हो।। एकलव्य सी दक्षिणा ,देने का हो भाव मन। ऐसे सेवकों के द्रोण ,गुरु पहचान हों।। शिक्षकों का पूजन हो ,सदा मनआंगन में। राधाकृष्णन जैसा ही,चरित्र अजान हो । (मेरी आवाज़ मेरा अंदाज ) https://youtu.be/rLD4OF0iCpw शिक्षक दिवस  https://youtu.be/Vu900TZYQ_A मेरे काव्य-संग्रह "ओस की बूंदें "में संकलित कविताएं 'अध्यापक ' एवं शिक्षक गूँज डॉ.पूर्णिमा राय, शिक्षिका एवं लेखिका, पंजाब 

हिंदी दिवस (गीत)

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 हिंदी दिवस (गीत)   (डॉ.पूर्णिमा राय) नाच लो गा लो मौज मना लो       हिंदी दिवस फिर आया है। भारत देश की सुप्त आत्मा        को जगाने आया है।। हिंदी में हस्ताक्षर करना        सब का ये ही कहना है, हिंदी बोली मीठी लगती        हिंदी दिल में रखना है, पंजाबी,अंग्रेजी,हिन्दी का        भेद मिटाने आया है। नाच लो गा लो मौज मना लो      हिंदी दिवस फिर आया है...।। हिंदी का अखबार पढ़ो और      हिंदी ज्ञान बढ़ाओ तुम, हिंदी कविता,लेख लिखो और  मैगज़ीन में छपवाओ तुम, शुद्ध हिंदी बोलें और समझें  जग को सिखाने आया है। नाच लो गा लो मौज मना लो      हिंदी दिवस फिर आया है...।। हिंदी इतनी नहीं है मुश्किल  जितनी हमको लगती है, भारत देश के भाल पे देखो  हिंदी बिंदी सजती है, चौदह सितम्बर हिंदी दिवस की याद दिलाने आया है। नाच लो गा लो मौज मना लो      हिंदी दिवस फिर आया है...।। डॉ.पूर्णिमा राय, शिक्षिका एवं लेखिका आलोचना पुरस्कार विजेता...