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वेतन (लघुकथा)

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  वेतन (लघुकथा) सरकारी कार्यालय हो या अर्ध सरकारी,या प्राइवेट ,बंधन तो हरेक स्थान पर है ,कहीं कम तो कहीं अधिक।कहीं शारीरिक तो कहीं मानसिक।पर यह बंधन ,बंधन महसूस  नहीं होता क्योंकि इसी बंधन में बंधकर ही जिंदगी के हसीन सपने पूरे होते हैं, अर्थात घर-परिवार , वैयक्तिक व्यय एवं थोड़ा बहुत सामाजिक कार्य!अच्छी जिंदगी ,अच्छे व्यवसाय की तलाश आज हर किसी को है।हो भी क्यों न?मानव जीवन एक बार ही तो मिलता है ,बार-बार मिलना दुर्लभ है।जब व्यक्ति नौकरी का चुनाव करके बंधन वाली जिंदगी जब स्वयं स्वीकार कर लेता है तो वह किसी को दोष नहीं दे सकता । महीने की अंतिम तिथि और नये माह के आरंभ की तिथि से उसका चेहरा खिलने वाला हो जाता है ।सही समझे आप ?उसको वेतन मिलने वाला होता है जो उसकी थकान को दूर कर देता है।ये वेतन ही उसे मानसिक तनाव से दूर करता है।तब उनको लगता है कि वे आज़ाद हैं ।और अगर कभी वेतन समय पर न मिले ,अर्थात् कभी किसी कारणवश कोई हड़ताल हो जाए,या बजट समस्या हो जाए ,ऐसी स्थिति में मानसिक तनाव और अधिक बढ़ जाता है।नौकरीपेशा लोग आज़ादी का आनंद तभी मान सकते हैं जब उनको वेतन प्रतिमाह सप्ताह के आरंभ मे...

गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच--साझा संग्रह-2

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   "गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच"द्वारा प्रस्तुत                     साझा संग्रह -2     (बेहतरीन एवं चुनिंदा रचनाओं का संकलन)  1*आरती रतरा ( हिमाचल प्रदेश) 2.डॉ दीपक, (फगवाड़ा) 3* धर्मेंद्र अरोड़ा "मुसाफ़िर"(पानीपत) 4* डॉ.नीलू शर्मा (फगवाड़ा) 5* डॉ.सोनिया शर्मा (अमृतसर) 6*निर्मल कौर,(अमृतसर) 7* कवि प्रेम अमृतसरी - 9872728814 8*शायर भट्टी 9* डॉ.पूर्णिमा राय, अमृतसर 10*फराह नसीम 1* आरती रतरा(हिमाचल प्रदेश)            "माँ "          अपनी नींद उड़ाकर सारी रात जागती हैं माँ, लोरी सुनाकर मीठी नींद से सुलाती हैं माँ, अपने आँसू छुपाकर हँसाती हैं माँ, हर मुश्किल रास्ते में आगे गुजरना सिखाती हैं माँ, खुद गीले बिस्तर मैं सोकर सूखे में सुलाती हैं माँ |             "जो आज हैं वो कल नहीं "    जो आज हैं वो कल नहीं वो साथ छोड़ जाते हैं, आ...

काव्य गोष्ठी का हुआ सफल आयोजन

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" गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच" : "शाम-ए-महफिल" कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन (सौजन्य : गुरमखी दे वारिस पंजाबी साहित्य वेल्फेयर सोसायटी (रजि)  आज दिनांक 3/6/23 दिवस शनिवार को गुरुमखी दे वारिस पंजाबी साहित्य वेल्फेयर सोसायटी (रजि)के चेयरमैन गुरवेल कोहालवी के सौजन्य एवं डॉ पूर्णिमा राय "गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच" (महासचिव) के प्रबंधन में आनलाइन काव्य गोष्ठी -02 शाम-ए-महफिल समय सांय 5.30 बजे से 7.40 तक जूम एप के माध्यम से आयोजित गई।दो घण्टे तक चली आनलाइन काव्य गोष्ठी में डॉ.राजन लिब्रा  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुये। 20 के करीब कवि/लेखकगण रचनाकारों ने हिंदी में अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की। महासचिव डॉ.पूर्णिमा राय ने गायत्री मंत्र के जाप से कार्यक्रम का आगाज़ किया एवं उपस्थित सभी वक्ताओं एवं श्रोताओं का अभिनंदन किया। सर्वप्रथम चेयरमैन गुरवेल कोहालवी ने मुख्य अतिथि डॉ.राजन लिब्रा, बलबीर कौर बब्बू  (विशेषअतिथि) ,सोनिया भारती (विशेष अतिथि), डॉ पूर्णिमा राय( जनरल सैक्रेटरी),डॉ.संजय चौहान(मुख्य सलाहकार)तथा वरिष्ठ रचनाकार प्रेम सागर कालिया जी एवं  सभी ...

साझा संग्रह-1 गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच

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गुरुमुखी देे वारिस पंजाबी साहित्य वैल्फेयर सोसायटी (रजि.), पंजाब के सौजन्य से  "गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच  में सम्मिलित रचनाकारों एवं लेखकों का  साझा संग्रह-1 1*गज़ल (अमित, कादियां)  2*अकेलापन (बलबीर कौर सैनी)  3*मेरा खुदा(प्रभजोत कौर, मोहाली)  4* देशभक्तों एवं देशभक्ति को समर्पित (गीत) (डॉ.पूर्णिमा राय)  5*मेरी माता की गोद (लवप्रीत सिंह)  6* अच्छा मित्र( लवप्रीत सिंह)  7* ॲंधेरी रात और परी(डॉ.दीपक)   8*हमारी मेहनतों का सिला(डॉ.नीलू शर्मा)  9* ढूंढता हूँ.....!!(मुक्ता शर्मा त्रिपाठी)  10*तुम्हारे जाने के बाद(उपेन्द्र यादव)  11* नोट(अनवर हुसैन)  12* ज़िंदादिली....(बलबीर कौर सैनी)  13*हौंसला(सतिंदरजीत कौर)  14*अब,बहुत याद आते हो तुम (डॉ संजय चौहान 15*जब से गई हो तुम(डॉ.सोनिया शर्मा )  1*गज़ल (अमित, कादियां)  खुशियों से गूंजते हुए दालान छोटे हो रहे। हैं मकान आलीशान पर इंसान छोटे हो रहे। चक्करी बना के रख दिया पैसे ने है इंसान को मोह,ममता,चैन-सुख,इत्मीनान छोटे हो रहे। कानों को हाथ लग रहे सु...

गुरमखी दे वारिस पंजाबी साहित्य वेल्फेयर सोसायटी (रजि) , पंजाब टीम में हुई बढ़ौतरी

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गुरमखी दे वारिस पंजाबी साहित्य वेल्फेयर सोसायटी (रजि) , पंजाब टीम में हुई बढ़ौतरी आज दिनांक 28/5/23 दिवस सोमवार को अमृतसर में गुरुमखी दे वारिस पंजाबी साहित्य वेल्फेयर सोसायटी (रजि)के  दफ्तर में  पंजाबी तथा हिंदी लेखकों कवियों की एक मीटिंग का आयोजन चेयरमैन गुरवेल कोहालवी की अध्यक्षता में  किया गया। चेयरमैन गुरवेल कोहालवी एवं उनकी धर्म पत्नी आ. रुपिन्द्र कौर संधू  द्वारा  सोसायटी के नवनियुक्त सदस्यों को नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया ।डॉ पूर्णिमा राय को "गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच" की जनरल सैक्रेटरी (महासचिव) तथा डॉ संजय चौहान को मुख्य सलाहकार बनाकर सम्मानित किया गया। पंजाबी संस्था में  श्वेता भारद्वाज को( जनरल सैक्रेटरी) ,डॉ राकेश तिलकराज को (मुख्य सलाहकार) , डॉ आत्मा सिंह को (सीनियर मीत प्रधान) , कवि प्रेम पाल को  (आफिशियल सचिव) का पद देकर  सम्मानित किया गया। डॉ पूर्णिमा ने अपने गज़ल संग्रह "स्पर्श"की प्रति सभी सदस्यों को सादर भेंट की। इस सुअवसर पर सभी कवियों, लेखकों ने अपनी अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की।  डॉ आत्मा सिंह मीत प्रधान ने ...

गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच" : "शाम-ए-महफिल" कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन :एक रिपोर्ट (पोस्ट संख्या-85)

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  पोस्ट संख्या-85 " गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच" : "शाम-ए-महफिल" कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन (सौजन्य : गुरमखी दे वारिस पंजाबी साहित्य वेल्फेयर सोसायटी (रजि) आज दिनांक 27/5/23 दिवस शनिवार को गुरुमखी दे वारिस पंजाबी साहित्य वेल्फेयर सोसायटी (रजि)के चेयरमैन गुरवेल कोहालवी के सौजन्य एवं डॉ पूर्णिमा राय "गुरुमुखी देे वारिस हिंदी काव्य मंच" (महासचिव) के प्रबंधन में आनलाइन काव्य गोष्ठी -प्रथम शाम-ए-महफिल समय सांय 5.30 बजे से 7.40 तक जूम एप के माध्यम से आयोजित गई।दो घण्टे तक चली आनलाइन काव्य गोष्ठी में डॉ.संजय चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुये। 25 के करीब कवि/लेखकगण रचनाकारों ने हिंदी में अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की। महासचिव डॉ.पूर्णिमा राय ने गायत्री मंत्र के जाप से कार्यक्रम का आगाज़ किया एवं उपस्थित सभी वक्ताओं एवं श्रोताओं का अभिनंदन किया। सर्वप्रथम चेयरमैन गुरवेल कोहालवी ने मुख्य अतिथि डॉ संजय चौहान तथा वरिष्ठ रचनाकार प्रेम सागर कालिया जी का स्वागत करते हुये गुरुमुखी दे वारिस पंजाबी वेल्फेयर सोसायटी द्वारा करवाई जा रही गतिविधियों पर प्रकाश डालते...

वहीं रावण जलाये जो स्वयं राम है

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                 अचिन्त साहित्य (बेहतर से बेहतरीन की ओर बढ़ते कदम)     " वही रावण जलाये जो स्वयं राम है "        ( दशहरा -- विशेषांक  2017)  यह विशेषांक 2017 में संपादित किया गया था और अचिन्त साहित्य वेबसाइट पर प्रकाशित था।किसी कारणवश मेरी वह वेबसाइट बंद हो गई ।अब आज अपने ब्लॉग अचिन्त साहित्य पर प्रकाशित कर रही हूँ। विजयदशमी / दशहरा  की सभी को हार्दिक बधाई!! इस  विशेषांक  को अपनी बेहतरीन रचनाओं से सजाने वाले सभी रचनाकारों ,सुसाहित्यकारों का हार्दिक आभार!! रचनाएं एवं रचनकार 1)वही रावण जलाये,जो स्वयं राम है:डॉ.पूर्णिमा राय 2)विजय दशमी :बलविंदर अत्री    3)क्योंकि हम राम न हुए: डॉ भावना तिवारी  4)रावण महाज्ञानी :दीपक कुमार  5)ਦੁਸਹਿਰਾ :रघबीर सिंह सोहल 6)गुण हैं जिसमें राम के,रावण जलाने का अधिकार उसे  : राजबाला "राज" 7)मैं रावण बोल रहा हूँ:सुशील शर्मा 8) दशहरा :कल्पना मनोरमा 9)शायद रावण नही मरेगा :सुशीला जोशी  10)रावण अभी जिन्दा है: बृजेश अग्निहोत्री "पेंटर" 11)और र...